विंध्य स्टोरी समाचार पत्र सतना
जिले के उंचेहरा तहसील के अंतर्गत ग्राम भरहटा के सरपंच के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप है यहां तक कि मामला विचाराधीन है और (धारा 89) के अंतर्गत नोटिस भी दिया जा चुका है। ये वही सरपंच है जिन्होंने बुधनी से चुनाव लड़ा। इनकी जांच कराई जाए तो कई तथ्य उभरकर सामने आ सकते हैं। फिर भी सीईओ कार्यवाही क्यों नही कर रहे यह बात किसी की समझ से परे है।
श्रीमती अमिरिती विश्वकर्मा पत्नी विनोद विश्वकर्मा सरपंच ग्राम पंचायत भरहटा जनपद पंचायत उंचेहरा जिला सतना म.प्र. को कारण बताओ नोटिस दिया गया। शिकायतकर्ता श्री शिवम बड़गइयां पिता श्री पुरुषोत्तम प्रसाद बड़गइयां उपसरपंच ग्राम पंचायत भरहटा जनपद पंचायत उंचेहरा के शिकायती पत्र दिनांक 31.07.2023 जो कि न्यायालय में 09.08.2023 को प्राप्त हुआ के अनुसार लेख किए हैं कि श्रीमती अमिरिती विश्वकर्मा सरपंच एवं सचिव द्वारा ग्राम पंचायत भरहटा में पानी की टंकी के समीप शासकीय तालाब की आराजी नंबर 617 जो भरहटा में स्थित है के अंश रकवा 0.300 हे. में तार की बाउंड्री लगाकर अतिक्रमण कर लिया गया है। नायब तहसीलदार वृत्त लगरगवां तहसील उंचेहरा द्वारा दिनांक 10.07.2023 को अतिक्रमण हटाये जाने का आदेश दिया तथा 50000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया किन्तु सरपंच द्वारा आज दिनांक तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया, शिकायतकर्ता द्वारा ग्राम पंचायत भरहटा के सरपंच को सरपंच पद से पृथक किया जाकर किसी भी निर्वाचन के लिये आगामी 06 वर्षों के लिये निर्हरित घोषित किये जाने की शिकायत की गई है। म.प्र. पंचायतीराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के अंतर्गत प्रकरण क्रमांक 708/अ-89/2023-24 न्यायालय में विचाराधीन है।
अब देखना यह होगा मामले में क्या होता है मगर सरपंच के ऊपर गाज गिरना तय माना जा रहा है।





